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Showing posts from October, 2024

ज्ञान का अर्थ और उसके प्रमुख सिद्धांत Gyaan Ka Arth Aur Uske Siddhant, Meaning of Knowledge and Its Principles

ज्ञान का अर्थ और उसके प्रमुख सिद्धांत  ज्ञान का अर्थ क्या होता है? What is the meaning of Knowledge? ज्ञान की विभिन्न परिभाषाएं Different Definitions of Knowledge. अनुभवाद का सिद्धांत क्या है? What is the theory of empiricism? बुद्धिवाद का सिद्धांत क्या है? What is theTheory of rationalism प्रयोजनवाद का सिद्धांत क्या है? तर्कवाद का सिद्धांत क्या है? योगवाद का सिद्धांत क्या है? समीक्षावाद का सिद्धांत क्या है? ​सृष्टि के समस्त प्राणियों में मनुष्य को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। मनुष्य की इस श्रेष्ठता का एकमात्र कारण उसकी सोचने-समझने की क्षमता और उसका "ज्ञान" ( Knowledge ) है। मानव सभ्यता का पाषाण काल की गुफाओं से लेकर आज के कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( Artificial Intelligence ) के युग तक का सफर केवल और केवल ज्ञान की निरंतर खोज का ही परिणाम है। ​दर्शनशास्त्र ( Philosophy ) की जिस शाखा के अंतर्गत ज्ञान की उत्पत्ति, उसकी प्रकृति, उसकी सीमाओं और उसकी प्रामाणिकता का अध्ययन किया जाता है, उसे "ज्ञानमीमांसा" ( Epistemology ) कहा जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में भी यह सबसे महत्वपूर्ण ...

शिक्षण व्यूह रचना अर्थ, परिभाषा, प्रकृति एवं आधुनिक शिक्षा में इसका व्यापक स्वरूप

                            "शिक्षण व्यूह रचना" अर्थ, परिभाषा, प्रकृति एवं आधुनिक शिक्षा में  व्यापक स्वरूप ​शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षण एक अत्यंत जटिल, सोद्देश्यपूर्ण और मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है। एक समय था जब शिक्षण को केवल ज्ञान के हस्तांतरण (Transfer of knowledge) तक सीमित माना जाता था। परंतु, आधुनिक शिक्षाशास्त्र और मनोविज्ञान ने यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षण केवल सूचनाएं देना नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थी के व्यवहार में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाने की एक वैज्ञानिक कला है।  इसी पूर्व-नियोजित, वैज्ञानिक और व्यवस्थित योजना को शिक्षा जगत में "शिक्षण व्यूह रचना" ( Teaching Strategy ) का नाम दिया गया है। इस आलेख में हम शिक्षण व्यूह रचना के शाब्दिक अर्थ, इसकी उत्पत्ति, प्रमुख शिक्षाविदों द्वारा दी गई परिभाषाओं, इसकी विशेषताओं और शिक्षण विधियों से इसके अंतर पर अत्यंत सूक्ष्म और गहन चर्चा करेंगे।  ​ ' व्यूह रचना' (Strategy) शब्द की उत्पत्ति और शाब्दिक अर्थ ​ "व्यूह रचना" मूल रूप से सैन्य...

माध्यमिक शिक्षा आयोग (मुदालियर आयोग) 1952-53 और भारतीय शिक्षा व्यवस्था

माध्यमिक शिक्षा आयोग (मुदालियर आयोग) 1952-53 और  भारतीय शिक्षा व्यवस्था ​स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत के सामने केवल राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियां ही नहीं थीं, बल्कि एक सशक्त, आधुनिक और लोकतांत्रिक राष्ट्र के निर्माण के लिए शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन की भी महती आवश्यकता थी। वर्ष 1948 में "राधाकृष्णन आयोग" (विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग) का गठन किया गया था। इस आयोग ने विश्वविद्यालयीन शिक्षा का तो गहन अध्ययन किया, परंतु उसने अपनी रिपोर्ट में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही थी कि "हमारी माध्यमिक शिक्षा हमारी शैक्षिक प्रणाली की सबसे कमजोर कड़ी है और इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है।" ​इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने माध्यमिक शिक्षा के पुनर्गठन और सुधार के लिए एक विशेष आयोग के गठन का निर्णय लिया, जिसे हम "माध्यमिक शिक्षा आयोग" (Secondary Education Commission) या "मुदालियर आयोग" के नाम से जानते हैं। ​इस विस्तृत लेख में हम मुदालियर आयोग के गठन, उसके उद्देश्यों, तात्कालिक शिक्षा के दोषों, आयोग की प्रम...

मनोविज्ञान का शिक्षा पर प्रभाव

मनोविज्ञान का शिक्षा पर प्रभाव: विश्लेषणात्मक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण ​मानव सभ्यता के विकास के साथ-साथ शिक्षा की अवधारणा और उसके स्वरूप में निरंतर परिवर्तन हुए हैं। प्राचीन काल में शिक्षा मुख्य रूप से शिक्षक-केंद्रित (Teacher-centered) और विषय-केंद्रित (Subject-centered) हुआ करती थी। उस समय शिक्षा का एकमात्र उद्देश्य सूचनाओं को रटना और कठोर अनुशासन का पालन करना था। परंतु, जैसे-जैसे मानव मस्तिष्क और व्यवहार को समझने की वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ी, वैसे-वैसे "मनोविज्ञान" ( Psychology ) का उदय हुआ। जब मनोविज्ञान के सिद्धांतों और नियमों का प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में किया जाने लगा, तो शिक्षा जगत में एक अभूतपूर्व क्रांति आ गई। ​प्रसिद्ध दार्शनिक और शिक्षाविद् रूसो ( Jean-Jacques Rousseau ) ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक "एमिल" ( Emile ) में लिखा था, "बालक एक ऐसी पुस्तक है, जिसके प्रत्येक पृष्ठ को शिक्षक को आद्योपांत पढ़ना चाहिए।" रूसो के इसी विचार ने शिक्षा में मनोविज्ञान के प्रवेश का द्वार खोला। इसके बाद पेस्टालॉजी, हर्बार्ट, फ्रोबेल, थार्नडाइक, और स्किनर जैसे विचा...