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मनोविज्ञान क्या है? (What is Psychology?)

   ​अध्याय 1: मनोविज्ञान क्या है?  (What is Psychology?) मनोविज्ञान क्या है?  ​1. एक विद्याशाखा के रूप में मनोविज्ञान  (Psychology as a Discipline) ​मनोविज्ञान को एक विद्याशाखा के रूप में उन ज्ञान के क्षेत्रों में रखा जाता है जो मानव व्यवहार और मानसिक प्रक्रियाओं का व्यवस्थित अध्ययन करते हैं। एक विद्याशाखा होने के नाते, इसमें सिद्धांतों का निर्माण, शोध पद्धतियाँ, और साक्ष्यों पर आधारित निष्कर्ष शामिल हैं। यह केवल 'सामान्य ज्ञान' नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रयास है जो बताता है कि मनुष्य क्यों और कैसे व्यवहार करता है। यह प्राकृतिक विज्ञानों (जैसे जीव विज्ञान) और सामाजिक विज्ञानों (जैसे समाजशास्त्र) के बीच एक सेतु का कार्य करता है। ​2. प्राकृतिक विज्ञान के रूप में मनोविज्ञान  (Psychology as a Natural Science) ​जब हम मनोविज्ञान को एक प्राकृतिक विज्ञान के रूप में देखते हैं, तो हमारा ध्यान मुख्य रूप से जैविक और तंत्रिका संबंधी आधारों पर होता है। ​ वैज्ञानिक पद्धति:  मनोविज्ञान में परिकल्पना (Hypothesis) बनाना, प्रयोग करना और डेटा का विश्लेषण करना शामिल है। ​ ...

शिक्षण में उद्देश्यों की आवश्यकता (Need of Objectives in Teaching

शिक्षण में उद्देश्यों की आवश्यकता (Need of Objectives in Teaching शिक्षण में उद्देश्यों की आवश्यकता(Need of Objectives in Teaching) किसी भी विषय की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए उसके उद्देश्यों पर विचार करना आवश्यक है। उद्देश्यों के ज्ञान के अभाव में शिक्षण कार्य उचित रूप से नहीं हो सकता। इस विषय में एक विद्वान का कथन है,कि , "उद्देश्य के ज्ञान के बिना शिक्षक उस नाविक के समान है जिसे अपने लक्ष्य का ज्ञान नहीं है तथा उसके शिक्षार्थी उस पतवारहीन नौका  के समान है जो समुद्र की लहरों के थपेड़े खाकर तट की ओर बहती है। " आजकल की शिक्षा का प्रमुख दोष उसका उद्देश्यहीन होना है। अध्यापकों को यह ज्ञात नहीं है कि वे शिक्षा किस उद्देश्य से दे रहे हैं और छात्रों को भी यह ज्ञात नहीं है कि वे किस उद्देश्य से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। अतः ऐसी दशा में  विज्ञान शिक्षण के उद्देश्यों  को निश्चित करना अति आवश्यक हो जाता है। उद्देश्यों के निर्धारित हो जाने पर अध्यापक तथा छात्र दोनों लाभान्वित होते हैं तथा शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता है। विषय के प्रति तन्मयता की...

लिंग का अर्थ । लिंग विभेद । प्रकार और कारण Meaning of gender । Gender Discrimination Its Type And Reasons

लिंग का अर्थ । लिंग विभेद । प्रकार और कारण  Meaning of gender । Gender Discrimination Its Type And Reasons   लिंग का अर्थ (Meaning of gender) मनुष्य दो रूपों में जन्म लेता है:- स्त्री और पुरुष जिसे प्रारंभिक अवस्था में बालिका तथा बालक कहा जाता है। बालक तथा बालिकाओं की शारीरिक संरचना में ही विभेद नहीं होता बल्कि दोनों की रुचियों, अभिवृत्तियों तथा क्रियाकलापों में भी विभिन्नता पाई जाती है। जैविक रूप में लिंग को परिभाषित करते हुए कहा जा सकता है कि जब स्त्री तथा पुरुष के XX गुणसूत्र मिलते हैं तब बालिका और स्त्री-पुरुष के XY गुणसूत्र मिलते हैं तो बालक का निर्माण होता है। स्पष्ट है कि लिंग के निर्धारण में जैविक संप्रत्यय महत्वपूर्ण है न की स्त्री या पुरुष की अपनी खुद की इच्छा। लिंग निर्धारण की प्रक्रिया ऐच्छिक न होकर अनेक्छिक है।अतः इस हेतु किसी को भी दोष नहीं दिया जा सकता। फिर भी लिंग के आधार पर भेदभाव किया जाता है तथा बालकों की तुलना में बालिकाओं को तुच्छ समझा जाता है। लिंग एक परिवर्तनशील धारा है जिसमें एक ही संस्कृति, जाति, वर्ग तथा आर्थिक परिस्थितियों और आयु में एक संस्कृति...

शिक्षक के विभिन्न स्तर ( shikshan ke vibhinn ster)

शिक्षण के विभिन्न स्तर (Different levels of Teaching)  इस लेख को पढ़ने के बाद आप निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दे पाने में समर्थ हो सकेंगे १. शिक्षण के विभिन्न स्तर कौन-कौन से हैं? विस्तार पूर्वक उल्लेख कीजिए। २. शिक्षण के विभिन्न स्तरों को बताइए। स्मृति स्तर के शिक्षण की व्याख्या कीजिए। ३. शिक्षण के स्मृति, बोध तथा चिंतन स्तर की प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिए। ४. चिंतन स्तर के शिक्षण की संक्षिप्त विवेचना कीजिए। शिक्षण को एक उद्देश्य पूर्ण प्रक्रिया माना जाता है। इस प्रक्रिया का संबंध अधिगम से बहुत ही गहरा है। पाठ्यवस्तु का अपना स्वरूप होता है जिससे शिक्षण के विभिन्न उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सके। पाठ्यवस्तु को निम्नलिखित तीन स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है।          स्मृति   स्तर   का   शिक्षण ( Memory Level of Teaching)      बोध   स्तर   का   शिक्षण ( Understanding Level of Teaching)      चिंतन   स्तर   का   शिक्षण ( Reflective Level Of Teaching)    १. स्मृति ...

शैक्षिक तकनीकी के विभिन्न रूप (Various forms of educational technology)

  शैक्षिक तकनीकी के विभिन्न रूप (Various forms of educational technology) शैक्षिक तकनीकी के विभिन्न रूप (Various forms of educational technology) नमस्कार साथियों! शिक्षा विचार में आप सभी का स्वागत हैl दोस्तों आज की इस लेख में हम शैक्षिक तकनीकी के विभिन्न रूप अथवाVarious forms of educational technology की Study करेंगे। जिसके अंतर्गत हम तीन techniques का प्रयोग करेंगे। शैक्षिक तकनीकी प्रथम अथवा हार्डवेयर उपागम (Educational technology-I or software approach)  शैक्षिक तकनीकी द्वितीय अथवा सॉफ्टवेयर उपागम (Educational technology-II or software approach)  शैक्षिक तकनीकी तृतीय अथवा प्रणाली विश्लेषण (Educational technology-III or system approach) शैक्षिक तकनीकी के विभिन्न रूप (Various forms of educational technology) 1.शैक्षिक तकनीकी- प्रथम अथवा हार्डवेयर उपागम (How is my education educational technology-I or hardware approach) अभियंत्रण की मशीन के प्रयोग को शैक्षिक तकनीकी प्रथम कहते हैं | स्मरण रहे कि तकनीकी प्रथम का जन्म भौतिक विज्ञान से हुआ है| डेविस के अनुसार शैक्षिक तकनीकी -...

जेंडर एवं इससे सम्बंधित सांस्कृतिक परिक्षेप्य Gender And Its Cross Cultural Perspective । Concepts of Sex and Gender

दोस्तों नमस्कार ! आप सभी का स्वागत है Target With Roshani हिंदी एजुकेशनल ब्लॉग में। इस लेख में हम बात करने वाले है: Gender And Its Cross Cultural Perspective । Concepts of Sex and Gender अर्थात जेंडर एवं इससे सम्बन्धित पार सांस्कृतिक परिक्षेप्य और सेक्स तथा जेंडर की अवधारणा के ऊपर।  जेंडर एवं इससे सम्बंधित सांस्कृतिक परिक्षेप्य Gender And Its Cross Cultural Perspective । Concepts of Sex and Gender  जेंडर एवं इससे सम्बंधित पार सांस्कृतिक परिक्षेप्य  (Gender And Its Cross Cultural Perspective)  भारतीय सन्दर्भ में जेंडर पर काफी विमर्श का दौर है, जिसमें कमला भसीन, उमा चक्रवर्ती, मैत्रेयी कृष्णराज, शर्मीला रेगे और निवेदिता मेनन का नाम प्रमुख रुप से सामने आता है। कमला भसीन  कहती हैं,  " जेंडर सामाजिक संस्कृति के रूप में स्त्री-पुरुष की दी गयी परिभाषा है, जिसके माध्यम से समाज उन्हें स्त्री और पुरुष दोनों की सामाजिक भूमिका में विभजित करती  है। यह समाज की सच्चाई को मापने का एक विश्लेषणात्मक औजार है।  " मैत्रेयी कृष्णराज  के अनुसार,  " समाज में जि...

ग्लोबल आर्थिक मंदी और मिडिल क्लास: अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच कैसे बचाएं अपना पैसा?

अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच कैसे बचाएं अपना पैसा? आर्थिक मंदी और मिडिल क्लास: अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच कैसे बचाएं अपना पैसा? भूमिका: मंडराता वैश्विक संकट ​वर्तमान समय में पूरा विश्व एक अभूतपूर्व भू-राजनीतिक (Geopolitical) और आर्थिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध की स्थितियों ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। जब भी मध्य पूर्व (Middle East) और महाशक्तियों के बीच टकराव होता है, तो उसका सीधा असर वैश्विक सप्लाई चेन, कच्चे तेल की कीमतों और शेयर बाजारों पर पड़ता है। ​इस वृहद आर्थिक संकट को "ग्लोबल मंदी" या "आर्थिक मंदी" (Economic Recession) का नाम दिया जा रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियों के सीईओ से लेकर शेयर बाजार के निवेशक तक चिंतित हैं। लेकिन, इन सब के बीच सबसे ज्यादा पिसता है— मध्यम वर्ग (Middle Class Family) । आम जनता, जो महीने की पगार पर अपना घर चलाती है, उसके लिए यह युद्ध केवल टीवी स्क्रीन की खबरें नहीं हैं, बल्कि उनकी रसोई के बजट, बच्चों की फीस और ईएमआई (EMI) पर सीधा प्रहार है। ​हम ग...