लिंग का अर्थ । लिंग विभेद । प्रकार और कारण Meaning of gender । Gender Discrimination Its Type And Reasons
लिंग का अर्थ । लिंग विभेद । प्रकार और कारण Meaning of gender । Gender Discrimination Its Type And Reasons लिंग का अर्थ (Meaning of gender) मनुष्य दो रूपों में जन्म लेता है:- स्त्री और पुरुष जिसे प्रारंभिक अवस्था में बालिका तथा बालक कहा जाता है। बालक तथा बालिकाओं की शारीरिक संरचना में ही विभेद नहीं होता बल्कि दोनों की रुचियों, अभिवृत्तियों तथा क्रियाकलापों में भी विभिन्नता पाई जाती है। जैविक रूप में लिंग को परिभाषित करते हुए कहा जा सकता है कि जब स्त्री तथा पुरुष के XX गुणसूत्र मिलते हैं तब बालिका और स्त्री-पुरुष के XY गुणसूत्र मिलते हैं तो बालक का निर्माण होता है। स्पष्ट है कि लिंग के निर्धारण में जैविक संप्रत्यय महत्वपूर्ण है न की स्त्री या पुरुष की अपनी खुद की इच्छा। लिंग निर्धारण की प्रक्रिया ऐच्छिक न होकर अनेक्छिक है।अतः इस हेतु किसी को भी दोष नहीं दिया जा सकता। फिर भी लिंग के आधार पर भेदभाव किया जाता है तथा बालकों की तुलना में बालिकाओं को तुच्छ समझा जाता है। लिंग एक परिवर्तनशील धारा है जिसमें एक ही संस्कृति, जाति, वर्ग तथा आर्थिक परिस्थितियों और आयु में एक संस्कृति...