MHD (Masters in Hindi)
MHD-02 आधुनिक हिंदी काव्य खंड 3: छायावादी काव्य (भाग 2) और छायावादोत्तर काव्यखंड 4: प्रगतिवादी (प्रगतिशील) कविता
धारा 5: नई कविता (नई कविता) - Iखंड 6: नई कविता (नई कविता) - II
MHD-03: उपन्यास एवं कहानी
खंड 1 गोदान : प्रेमचंद
- इकाई 1 किसान जीवन के परिप्रेक्ष्य में गोदान
- इकाई 2 राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में गोदान
- इकाई 3 'गोदान' में नारी-चरित्र
खंड 2 धरती धन न अपना और सूखा बरगद
- इकाई 4 धरती धन न अपना : दलित जीवन की त्रासदी के संदर्भ में
- इकाई 5 धरती धन न अपना : चित्रांकन और आंचलिक पहलू
- इकाई 6 सूखा बरगद : मध्यवर्गीय मुस्लिम समाज की मानसिकता
- इकाई 7 सूखा बरगद : अल्पसंख्यक समाज में असुरक्षा की भावना
खंड 3 मैला आंचल और बाणभट्ट की आत्मकथा
- इकाई 8 मैला आंचल और आंचलिक उपन्यास की अवधारणा
- इकाई 9 मैला आंचल में सामाजिक व राजनीतिक संदर्भ
- इकाई 10 मैला आंचल : भाषा और शिल्प
- इकाई 11 बाणभट्ट की आत्मकथा और भारतीय जीवन दृष्टि
- इकाई 12 बाणभट्ट की आत्मकथा का शिल्प
- इकाई 13 बाणभट्ट की आत्मकथा की प्रासंगिकता
खंड 4 कहानी-I
- इकाई 14 ठाकुर का कुआँ : प्रेमचंद
- इकाई 15 पुरस्कार : जयशंकर प्रसाद
- इकाई 16 कुत्ते की पूंछ : यशपाल
- इकाई 17 पाजेब : जैनेंद्र कुमार
- इकाई 18 रोज़ : अज्ञेय
खंड 5 कहानी-II
- इकाई 19 पिता : ज्ञानरंजन
- इकाई 20 तिरिछ : उदय प्रकाश
- इकाई 21 त्रिशंकु : मन्नू भंडारी
खंड 6 कहानी-III
- इकाई 22 चीफ की दावत : भीष्म साहनी
- इकाई 23 कर्मनाशा की हार : शिवप्रसाद सिंह
- इकाई 24 भोलाराम का जीव : हरिशंकर परसाई
- इकाई 25 एक दिन का मेहमान : निर्मल वर्मा
- इकाई 26 सिक्का बदल गया : कृष्णा सोबती
- इकाई 27 यह अंत नहीं : ओमप्रकाश वाल्मीकि
खंड 1 गोदान : प्रेमचंद
- इकाई 1 किसान जीवन के परिप्रेक्ष्य में गोदान
- इकाई 2 राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में गोदान
- इकाई 3 'गोदान' में नारी-चरित्र
खंड 2 धरती धन न अपना और सूखा बरगद
- इकाई 4 धरती धन न अपना : दलित जीवन की त्रासदी के संदर्भ में
- इकाई 5 धरती धन न अपना : चित्रांकन और आंचलिक पहलू
- इकाई 6 सूखा बरगद : मध्यवर्गीय मुस्लिम समाज की मानसिकता
- इकाई 7 सूखा बरगद : अल्पसंख्यक समाज में असुरक्षा की भावना
खंड 3 मैला आंचल और बाणभट्ट की आत्मकथा
- इकाई 8 मैला आंचल और आंचलिक उपन्यास की अवधारणा
- इकाई 9 मैला आंचल में सामाजिक व राजनीतिक संदर्भ
- इकाई 10 मैला आंचल : भाषा और शिल्प
- इकाई 11 बाणभट्ट की आत्मकथा और भारतीय जीवन दृष्टि
- इकाई 12 बाणभट्ट की आत्मकथा का शिल्प
- इकाई 13 बाणभट्ट की आत्मकथा की प्रासंगिकता
खंड 4 कहानी-I
- इकाई 14 ठाकुर का कुआँ : प्रेमचंद
- इकाई 15 पुरस्कार : जयशंकर प्रसाद
- इकाई 16 कुत्ते की पूंछ : यशपाल
- इकाई 17 पाजेब : जैनेंद्र कुमार
- इकाई 18 रोज़ : अज्ञेय
खंड 5 कहानी-II
- इकाई 19 पिता : ज्ञानरंजन
- इकाई 20 तिरिछ : उदय प्रकाश
- इकाई 21 त्रिशंकु : मन्नू भंडारी
खंड 6 कहानी-III
- इकाई 22 चीफ की दावत : भीष्म साहनी
- इकाई 23 कर्मनाशा की हार : शिवप्रसाद सिंह
- इकाई 24 भोलाराम का जीव : हरिशंकर परसाई
- इकाई 25 एक दिन का मेहमान : निर्मल वर्मा
- इकाई 26 सिक्का बदल गया : कृष्णा सोबती
- इकाई 27 यह अंत नहीं : ओमप्रकाश वाल्मीकि

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